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इंदौर मेट्रो का सितंबर 2023 में होगा ट्रायल, तीन साल पहले 2019 में रखी गई थी नींव

  • September 9, 2022
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इंदौर मेट्रो का सितंबर 2023 में होगा ट्रायल, तीन साल पहले 2019 में रखी गई थी नींव

7,500.80 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी। इसके तहत शहर में 31.55 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल गलियारा बनाया जाना है।

मध्यप्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना का निर्माण कार्य जारी है और यात्री सेवा शुरू करने से पहले इस लोक परिवहन साधन को अगले एक साल के भीतर 5.9 किलोमीटर के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर परख लिया जाएगा। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।

एमपीएमआरसीएल के प्रबंध निदेशक निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने स्थानीय जन प्रतिनिधियों और प्रशासन के साथ एक बैठक के बाद बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा,”इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना की प्रगति बढ़िया है। हमें पूरा भरोसा है कि इसके 5.9 किलोमीटर के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर हम प्रायोगिक परीक्षण (ट्रायल रन) अगले साल सितंबर तक शुरू कर देंगे।”

उन्होंने बताया कि शहर में मेट्रो रेल परियोजना की रफ्तार बढ़ाने के लिए बैठक में सहमति बनी कि अब इसके कुल 29 स्टेशनों में से केवल दो जरूरी स्टेशन जमीन के अंदर बनाए जाएंगे, जबकि पहले छह भूमिगत स्टेशनों का प्रस्ताव था। यानी अब 27 स्टेशन जमीन पर बनेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि इंदौर में 7,500.80 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी। इसके तहत शहर में 31.55 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल गलियारा बनाया जाना है।

मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू से 3 मौतें, 10 जिलों में संक्रमण का फैलाव, इंदौर बना हॉटस्पॉट

फ्लू ने प्रदेश में अबतक तीन लोगों की जान ले ली है। जानकारी के अनुसार जबलपुर, इंदौर और मुरैना ने स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीज की मौत हुई है। प्रदेश के 10 जिलों में अब तक 50 केस मिल चुके हैं।

मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू ने तेजी से पैर पसारना शुरू कर दिया है। स्वाइन फ्लू का संक्रमण प्रदेश के 10 जिलों तक फैल चुका हैं। पिछले एक महीने में स्वाइन फ्लू के 40 मरीज मिले हैं। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर स्वाइन फ्लू का हॉटस्पॉट बन गया है। क्योंकि यहां सर्वाधिक संक्रमित मरीज मिले हैं।

दरअसल, स्वाइन फ्लू ने अपना कहर बरपाना भी शुरू कर दिया है। फ्लू ने प्रदेश में अबतक तीन लोगों की जान ले ली है। जानकारी के अनुसार जबलपुर, इंदौर और मुरैना ने स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीज की मौत हुई है। प्रदेश के 10 जिलों में अब तक 50 केस मिल चुके हैं। इनमें इंदौर के 34 मरीज शामिल हैं। इंदौर में कारीब 98 संदिग्धों की जांच कराई गई, जिसमें 34 मरीज संक्रमित मिले हैं। 

वहीं स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक लगभग 140 संदिग्धों से ज्यादा की जांच कराई गई है। इनमें 50 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इंदौर में 34, भोपाल में 7, नर्मदापुरम में 2 और ग्वालियर, सागर, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, राजगढ़ में एक-एक पॉजिटिव मरीज मिला हैं।

जबलपुर के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षण भी कोरोना के जैसे होते हैं। इस रोग में भी व्यक्ति को सर्दी,बुखार ,गले में खराश होती हैं। स्वाइन फ्लू के मरीजों का सेम्पल के लिए सिर्फ आईसीएमआर में व्यवस्था हैं। कोरोना और स्वाईन फ्लू के लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं, दोनों ही लंग्स पर घेहरा असर छोड़ते हैं जिसके चलते शरीर से आक्सीजन की मात्रा कम हो जाती हैं।

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