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Indore News: छोटा पड़ने लगा 40 साल पुराना ट्रांसपोर्ट नगर, 10 गुना बढ़ गए भारी वाहन

  • March 2, 2022
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Indore News: छोटा पड़ने लगा 40 साल पुराना ट्रांसपोर्ट नगर, 10 गुना बढ़ गए भारी वाहन

Indore News: यातायात समस्या और ट्रकों की बढ़ती संख्या के लिहाज से शहर के बाहर ट्रांसपोर्ट हब जरूरी।

Indore News इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में जैसे-जैसे व्यापार-व्यवसाय बढ़ रहा है, भारी वाहनों की आवाजाही भी बढ़ रही है। इसके चलते भंवरकुआं का 40 साल पुराना ट्रांसपोर्ट नगर छोटा पड़ने लगा है। तब शहर में लगभग 25 हजार ट्रक हुआ करते थे, लेकिन अब 2.50 लाख ट्रक और भारी वाहन हैं। यानी 40 साल में 10 गुना भारी वाहन बढ़ गए हैं। ट्रकों के बढ़ते बोझ से न केवल शहर की सड़कें चरमरा रही हैं, बल्कि प्रदूषण भी बढ़ रहा है। ट्रक आपरेटर खुद चाहते हैं कि शहर के बाहर एक व्यवस्थित ट्रांसपोर्ट नगर बसाया जाए, जिसमें आने वाले सौ साल तक कोई समस्या न हो।

अब प्रशासन, नगर निगम, यातायात और परिवहन विभाग के सामने दोहरी चुनौती है। एक तो ट्रांसपोर्ट नगर के लिए शहर से बाहर उचित जगह जुटाकर व्यावसायिक गतिविधियों को सुगम बनाए रखना और दूसरी तरफ शहर के अंदर यातायात समस्या दूर करना। बहरहाल, दोनों चुनौतियों से निपटने में अब तक कुछ खास काम नहीं हो पाया है। ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों का कहना है कि शहर में ट्रकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कम से कम 300-400 एकड़ का ट्रांसपोर्ट हब या ट्रांसपोर्ट नगर जरूरी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भारी वाहनों की समस्या और ट्रांसपोर्टरों की परेशानी हमारे संज्ञान में है। इसीलिए शहर के नए ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन की तलाश की जा रही है।

भंवरकुआं क्षेत्र में इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ने स्कीम 44 में ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण किया था। आइडीए ने यहां ट्रांसपोर्टरों को लीज पर प्लाट दिए थे। बताया जाता है कि यह ट्रांसपोर्ट नगर लगभग 252 एकड़ में फैला है। इसके आधे हिस्से में मैकेनिक नगर है। एक बार ट्रांसपोर्ट नगर के लिए प्लाट देकर आइडीए ने इसकी समस्याओं की तरफ से मुंह फेर लिया है। यहां सड़कें नहीं हैं। पानी की उचित निकासी नहीं होने से गंदगी और कीचड़ बना रहता है। इंदौर ट्रक आपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सीएल मुकाती और चेयरमैन राजेंद्र त्रेहन का कहना है कि इंदौर स्वच्छता में नंबर एक है, लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर बदहाल है।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने समस्याएं हल करने के लिए आइडीए अध्यक्ष जयपालसिंह चावड़ा से मुलाकात कर बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर में आइडीए ने प्लाटों के नामांतरण पर भी रोक लगा दी है। इस कारण लीजधारक बैंक लोन और अन्य व्यापारिक गतिविधियों के लिए इनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। वर्तमान वाहनों की संख्या देखते हुए नया ट्रांसपोर्ट नगर भी बनाया जाना बहुत जरूरी हो गया है।

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