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कोरोना वैक्सीन डोज का आंकड़ा 200 करोड़ पार, 546 दिन में मिली उपलब्धि

  • July 25, 2022
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कोरोना वैक्सीन डोज का आंकड़ा 200 करोड़ पार, 546 दिन में मिली उपलब्धि

सरकार को उम्मीद है कि मुफ्त में बूस्टर डोज लगवाने के अभियान से गति मिलेगी. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, शनिवार रात 10 बजे तक 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग के 14.94 लाख लोगों को एहतियाती खुराक दी गई.

नई दिल्ली:

Covid-19 Vaccination Update : भारत में कोरोना वैक्सीन की अब तक दी जाने वाली खुराक की संख्या 200 करोड़ पार हो गया है. 546 दिनों में यह उपलब्धि हासिल हुई है. 100 करोड़ टीके के आंकड़े तक तक पहुंचने में 277 दिन लगे थे. 27 अगस्त 2021 को पहला मौका था जब एक दिन में 1 करोड़ टीके के डोज लगाए गए

अब तक एक दिन में सबसे ज्यादा 2.5 करोड़ डोज 17 सितंबर, 2021 को लगे थे. लेकिन बूस्टर डोज (Booster Dose) को लेकर लोगों में कोई उत्साह नहीं दिख रहा है. भारत में कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ा 21 अक्टूबर 2021 को 100 करोड़ तक पहुंचा था और तब यह लक्ष्य 277 दिनों में पूरा हुआ था, जबकि 100 से 200 करोड़ होने में भी करीब इतने ही दिन लगे हैं.

लेकिन चिंताजनक बात है कि अभी तक 5.62 करोड़ लोगों को ही बूस्टर डोज (Precaution Dose) लग पाई है. जबकि दुनिया के कई देशों में तो नागरिकों को चौथी खुराक भी दी जाने लगी है. पीएम मोदी( PM Modi) ने इस उपलब्धि को लेकर सभी के प्रयासों को सराहा है. 

प्रिकॉशन डोज की मुहिम

अगर कोविड वैक्सीनेशन पूरा होने के बाद 9 महीने के अंतराल का पुराना नियम ही मान लें तो अभी करीब 5 फीसदी आबादी को प्रिकॉशन या बूस्टर डोज लग पाया है. हालांकि अब इसे घटाकर 6 माह कर दिया गया है. भारत ने 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए कोविड वैक्सीनेशन की प्रिकॉशन डोज 10 अप्रैल से शुरू की गई थी,

लेकिन सिर्फ निजी टीकाकरण केंद्रों पर शुल्क के साथ. कोविशील्ड की बूस्टर डोज की कीमत पहले 780 रुपये और कोवैक्सीन की 1410 रुपये थे, जिसे बाद में घटा दिया गया था. हालांकि फिर भी बूस्टर डोज के प्रति लोगों में उत्साह नहीं दिखा. 

हेल्थकेयर -फ्रंटलाइन वर्कर्स आगे

16 जुलाई 2022 के आधिकारिक आंकड़ों के हिसाब से 1.04 करोड़ से अधिक हेल्थकेयर वर्कर्स ने दो साल में कोविड वैक्सीन की फर्स्ट डोज ले ली है, जबकि उनमें 1 करोड़ से ज्यादा ने दूसरी खुराक भी ले ली है. और 60.19 लाख ने प्रिकॉशन यानी बूस्टर डोज ले ली है. फ्रंटलाइन वर्कर्स में भी 1.84 करोड़ पहली डोज, 1.74 करोड़ दोनों खुराक और 1.14 करोड़ बूस्टर डोज ले चुके हैं. लेकिन 18 साल से अधिक उम्र के लोगों में बूस्टर डोज को लेकर कोई उत्साह नहीं दिख रहा है. 

वयस्कों में  जोश कम

अगर 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग की बात करें तो 55.88 करोड़ पहली डोज औऱ 50.58 करोड़ से अधिक लोग दोनों डोज ले चुके हैं, लेकिन प्रिकॉशन डोज सिर्फ एक करोड़ से कुछ अधिक लोगों ने ही ली है. यही वजह है कि सरकार को आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 75 दिनों तक निशुल्क बूस्टर डोज लगाने का अभियान छेड़ा 45-59 वर्ष के आय़ु वर्ग में 20.35 करोड़ पहली डोज, 19.45 करोड़ दूसरी डोज ले चुके हैं. लेकिन सिर्फ 44.72 लाख ने ही बूस्टर डोज ली है. 

बुजुर्गों में भी संख्या काफी कम

बुजुर्गों के लिए बूस्टर डोज की शुरुआत चार माह पहले शुरू हो गई थी. इनमें 12.73 करोड़ ने पहली डोज, 12.15 करोड़ ने दूसरी खुराक ले ली है. लेकिन 2.81 करोड़ ने ही प्रिकॉशन डोज अभी तक ली है. 

75 दिनों के अभियान से उम्मीद

सरकार को उम्मीद है कि मुफ्त में बूस्टर डोज लगवाने के अभियान से गति मिलेगी. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, शनिवार रात 10 बजे तक 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग के 14.94 लाख लोगों को एहतियाती खुराक दी गई. इसमें ज्यादातर ने ‘कोविड टीकाकरण अमृत महोत्सव’ के तहत टीका लगवाया.18 से 59 आयु वर्ग के लोगों को दी गई कुल एहतियाती खुराक 1,06,32,488 से ज्यादा हो गई है.

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