Politics

जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर का बड़ा दावा, कहा- प्रोटेक्शन के लिए ‘आप’ के मंत्री को दिए 10 करोड़ रुपये

  • November 1, 2022
  • 1 min read
  • 30 Views
[addtoany]
जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर का बड़ा दावा, कहा- प्रोटेक्शन के लिए ‘आप’ के मंत्री को दिए 10 करोड़ रुपये

मंडोली जेल में बंद ठग सुकेश चन्द्रशेखर ने दिल्ली के राज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया है कि उसने उन्हें दस करोड़ रुपये पहुंचाए हैं।

मंडोली जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर ने आम आदमी पार्टी की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। उसने दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र लिखकर दावा किया है कि आप नेता सत्येंद्र जैन को 10 करोड़ रुपये प्रोटेक्शन मनी के तौर पर दिए हैं। राज्यपाल ने मामले को गंभीरता से लिया है और इसकी जांच कराने का निर्णय लिया है। हालांकि अभी तिहाड़ जेल जहां सत्येंद्र जैन बंद है वहां से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। 

मिली जानकारी के मुताबिक सुकेश चंद्रशेखर की तरफ से उसके वकील ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र सौंपा है। इस पत्र में सुकेश ने कहा कि उसे कई बार जान से मारने की धमकियां दी गई हैं। सुकेश ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि उसने तिहाड़ में प्रोटेक्शन मनी दी है। बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में सत्येंद्र जैन तिहाड़ जेल में बंद हैं। सत्येंद्र जैन पर सुकेश चंद्रशेखर का आरोप है कि डीजी जेल से उसे धमकी दिलवाई गई थी।

मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि एलजी वीके सक्सेना को लिखे पत्र में सुकेश चंद्रशेखर की तरफ से कहा गया है कि वो आप नेता को साल 2015 से जानता है। इस खत में आगे यह भी कहा गया है

कि उसने दक्षिण भारत में आम आदमी पार्टी में एक अहम पद दिये जाने के वादे के बाद 50 करोड़ रुपये दिये थे। सुकेश ने कहा साल 2017 में मेरी गिरफ्तारी के बाद मैं तिहाड़ जेल में कैद था और सत्येंद्र जैन कई बार आए। उनके सचिव ने मुझे 2 करोड़ रुपये प्रतिमाह प्रोटेक्शन मनी के तौर पर देने के लिए कहा था। बताया जा रहा है कि यह खत चंद्रशेखर ने अपने हाथ से लिखा है जिसे एलजी को भेजा गया है।

कभी वरुण धवन के पिता के लिए स्क्रिप्ट लिखा करते थे अनीस, फिर ऐसे बने हिट फिल्मों के डायरेक्टर

Read More…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *