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खंडला मेला:खंडला में लगने वाले मेले के अगले दिन से शुरू हाे जाता है भगोरिया, तीन जिलाें से ग्रामीण पहुंचते हैं

  • March 3, 2022
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खंडला मेला:खंडला में लगने वाले मेले के अगले दिन से शुरू हाे जाता है भगोरिया, तीन जिलाें से ग्रामीण पहुंचते हैं

कुक्षी एवं बाग के बीच ग्राम खंडलाई में लगने वाला अचि प्राचीन सात दिवसीय श्री बड़केश्वर महादेव मेले का आज घेर के साथ समापन होगा। उल्लास उमंग से भरा इस बार का श्री बड़केश्वर महादेव का मेला पूरे शबाब पर नजर अाया। खासकर महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान भोले के दर्शन कर मेले का आनंद लिया। इस बार के मेले ने महाशिवरात्रि पर सारे रिकार्ड धवस्त हाे गए इतनी जबरजस्त भीड़ उमड़ी। महंत भगवानपुरी गोस्वामी ने बताया कि मेले के अंतिम दिन घेर फेरी जाती है। आज घेर के साथ मेले का समापन भी होगा। घेर में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वर्तमान विधायक हनी बघेल, ग्राम के पटेल अरविंद चौहान के नेतवृत मे दोपहर 12 बजे मंदिर प्रांगण से निकाली जाएगी, जो पूरे मेले में घूमकर एक दूसरे को तिलक लगाकर बधाई देंगे।

मेले के समापन के दूसरे दिन से भगोरिया हाट की देंगे दस्तक : बड़केश्वर महादेव मेले के समापन के दूसरे दिन से आदिवासियों का भगोरिया हाट प्रारंभ हो जाता है। पूरे सप्ताह चलने वाले भगोरिया हाट में मादल की थाप और बांसुरी की तान चारों ओर सुनाई देगी। धार, झाबुआ, आलीराजपुर के बीच में ये ग्रामीण क्षेत्र होने से यहां भगोरिया हाट बड़े उल्लास से मनाया जाता है। इस हाट का ग्रामीणाें काे पूरे साल इंतजार रहता है। अपनी फसल कट जाने के बाद ये लोग भगोरिया हाट मे आते हैं और अपने परिचिताें मिलते जुलते हैं। साथ ही होली दहन का सामान भी खरीदकर ले जाते हैं।

सुंद्रेल| ग्राम सुंद्रेल में शिवरात्रि का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। सुबह से दोपहर तक बाबा भोलेनाथ का अभिषेक किया गया। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन प्राप्त किए व रात्रि 7 बजे से 9 बजे तक बाबा भोलेनाथ का नगर भ्रमण हुआ। जिसमें डीजे, झांकियां, नाट्यकला मंडल एवं बाबा भोलेनाथ की बारात की झांकी की भी लगाई। विशेष श्रृंगार में बाबा भोलेनाथ काे देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु शिवालय पहुंचे व भजन संध्या का भी आनंद लिया। अंत में केसर दूध की प्रसादी का वितरण किया गया।

टांडा। महाशिवरात्रि के दूसरे दिन बड़े महादेव के आंगन में आदिवासी समाज के लोगों ने उत्साह के साथ मांदल बजाई। इसी के साथ ही आदिवासी संस्कृति का सबसे बड़ा पर्व भगोरिया शुरू हुआ। इस दौरान 20 से अधिक मांदल दल शामिल हुए। जिन्हें नगद राशि से पुरस्कृत किया गया। पूरे आयोजन में समिति के रोशन सरपंच गातला, करम सिंह, भुरूसिंह भाबर, बंटू भाबर, अरुण निगवाल, सरदार जेतगढ़, रणसिंह मालसिंह, अमर किराड़े, कमरू बाबा, योगेश डोडवे, कालू मोरी जेतगढ़, रमेश डोडवे, बहादुर जेतगढ़ सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था की। इसके पूर्व नगर में महाशिवरात्रि हर्षोउल्लास के साथ मनाई गई। दिनभर शिव मंदिरों में भीड़ लगी रही। तड़के 3 बजे से अभिषेक के क्रम प्रारंभ हुए जो रात तक चलते रहे।

नगर से 2 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित बड़े महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि की विशेष धूम रही। यहां भंडारे का आयोजन भी किया गया। समिति के सदस्यों ने बताया कि लगभग 10 हजार लोगों ने महाप्रसादी का लाभ लिया। बड़े महादेव गातला के शिव भक्तों के द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया। गुजरात व अन्य जगह से पधारी मंडलियों ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियां दी। इस अवसर पर आकर्षक साज सज्जा की गई। पहाड़ी पर बड़ा पंडाल बनाया गया व भक्तों के आने जाने के लिए मार्ग को सुगम बनाया गया। घाटी वाले शिवालय में तड़के 3 बजे से रुद्राभिषेक के क्रम प्रारंभ हुए। दिन भर मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही।महाशिवरात्रि की रात में 4 प्रहर का अभिषेक पूजन किया गया। रात भर रुद्राभिषेक चला। 12 बजे महाआरती की गई। ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में भोलेनाथ का पुष्पों से मनमोहक शृंगार किया गया।

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