Culture

प्रदेश में अब जिलावार शिक्षा रिपोर्ट कार्ड हर तीन माह में होगा तैयार

  • September 15, 2022
  • 1 min read
  • 35 Views
[addtoany]
प्रदेश में अब जिलावार शिक्षा रिपोर्ट कार्ड हर तीन माह में होगा तैयार

राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा आज जारी होगी प्रथम तिमाही की जिलावार शिक्षा रिपोर्ट। जून, जुलाई और अगस्‍त 2022 में संपादित हुए शैक्षणिक कार्यों और उपलब्धि के आधार पर जिलों को नंबर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर हो रही कवायद।

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। पिछले साल यानी सत्र 2021-22 का वार्षिक जिला शिक्षा रिपोर्ट कार्ड जारी किया गया था, लेकिन अब हर तीन महीने में शिक्षा रिपोर्ट कार्ड जारी होगा। सत्र 2022-23 का प्रथम त्रैमास रिपोर्ट कार्ड तैयार हो गया है, जिसे गुरुवार को जारी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दिए गए निर्देश पर राज्य शिक्षा केंद्र स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिलों में संपादित किए जा रहे कार्यों के आधार पर सत्र 2022-23 के प्रथम तिमाही की जिलों की रैकिंग तय की जाएगी। माह जून, जुलाई और अगस्‍त 2022 में संपादित हुए हर कार्य और उपलब्धि के आधार पर जिलों को नंबर दिए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि, मुख्यमंत्री ने पूर्व में निर्देशित किया था कि जिलों की शैक्षिक रैंकिंग प्रणाली विकसित की जाए। यह रिपोर्ट सभी जिला परियोजना अधिकारियों के साथ ही जिलों के कलेक्टर और संभागीय आयुक्तों के मध्य भी साझा की जाएगी।

राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक धनराजू एस ने बताया कि प्राथमिकताओं तथा गणना प्रणाली के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2022-23 की प्रथम तिमाही में प्रदर्शन के आधार पर प्रदेश के सभी 52 जिलों की रैकिंग 15 सितम्‍बर 2022 को मध्यप्रदेश एजुकेशन पोर्टल पर जारी की जाएगी। जिस पर सभी जिलो के कलेक्टर से सुधारात्मक सुझाव भी प्राप्त किए जाएंगे।

गुणवत्ता एवं समयसीमा में कार्य निष्पादन के साथ ही जिलों के मध्य एक स्वस्थ प्रतियोगिता भाव पैदा करने की दृष्टि से यह व्यवस्था लागू की है। इस व्यवस्था के तहत राज्य शिक्षा केन्द्र के अंतर्गत आने वाले सभी जिला शिक्षा केन्द्रों एवं डाइट्स तथा शिक्षा महाविद्यालयों जैसे प्रशिक्षण संस्थानों के कार्यों को हर तिमाही में कसौटी पर कसा जायेगा और प्राप्ताकों के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

रिपोर्ट में प्राथमिकता के आधार पर अनेक कार्य बिंदु निर्धारित किए गए हैं, जिनमें कृत कार्यों को सामने रख जिलों की रिपोर्ट और रैंकिंग तैयार होगी। इन कार्यों को मुख्यतः बच्चों के नामांकन एवं ठहराव, गुणवत्ता पूर्ण शैक्षिक उपलब्धियां, शिक्षकों का व्यवसायिक विकास, समानता, अधोसंरचना एवं भौतिक सुविधाएं और सुशासन प्रक्रियाएं आदि को छह मुख्य भागों में बाटा गया है। जिसमें कुल 32 सूचकांक सम्मिलित हैं। इनमें प्रत्‍येक तिमाही की प्राथमिकता के अनुसार समसामायिक रुप से परिवर्तन किए जाते रहेंगे।

15 से 20 प्रतिशत पैन कार्ड में आधार से अलग जानकारी, नहीं हो पा रहे लिंक

Read More…

Leave a Reply

Your email address will not be published.