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पीएफआई के तीन बड़े नेता गिरफ्तार, चंदा जुटाकर निगम का चुनाव भी लड़ाया, सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

  • September 24, 2022
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पीएफआई के तीन बड़े नेता गिरफ्तार, चंदा जुटाकर निगम का चुनाव भी लड़ाया, सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

मध्यप्रदेश के इंदौर में एनआईए ने कार्रवाई की है। कार्रवाई में पीएफआई के तीन बड़े नेता गिरफ्तार हुए हैं। इंदौर में पीएफआई के संगठन के शुरुआत साल 2001 से हो गई थी। 

पीएफआई के ठिकानों पर हुई देशव्यापी कार्रवाई में इंदौर से संठगन के तीन पदाधिकारी और उज्जैन से एक सदस्य को पकड़ा है। इंदौर में इसकी शुरुआत सिमी संगठन पर प्रतिबंध के बाद साल 2001 से ही हो गई थी। करीब एक साल पहले मामला बाणगंगा एरिया में चूड़ीवाले के साथ हुई मारपीट कांड के बाद तूल पकड़ा। तब एक तस्लीम नाम के युवक ने हिंदू नाम रखकर चूड़ियां बेचने का काम शुरू किया। छेड़छाड़ के मामले में लोगों ने उसकी पिटाई कर दी थी।

पिटाई का वीडियो बनाकर एक समाज विशेष में वायरल किया गया। इसके बाद इन्होंने सेंट्रल कोतवाली थाने पर प्रदर्शन किया। फिर बाद में पता चला कि इस पूरे संगठित प्रदर्शन के पीछे पीएफआई का हाथ है। युवक की पिटाई के बाद पीएफआई ने चुनिंदा एरिया में पोस्टर लगाकर करीब 60 लाख रुपये जुटाए। बाद में इन पैसों का इस्तेमाल निगम चुनाव में किया गया और कुछ साथियों को चुनाव भी लड़वाया। इंदौर में ये लोग चुनाव तो नहीं जीते, लेकिन नीमच जिले में इनके पार्षद बन गए। इनकी पूरी मंशा युवाओं को बरगलाकर अपने साथ जोड़ना, चंदा जमा करने और इसका उपयोग राजनीति में कर पदों पर काबिज होने की थी।

माइक के जरिए मदद की अपील…

पीएफआई ने ईदगाह के बाहर कुछ समय पहले माइक लगाकर मदद की अपील की और कहा कि उनका संगठन झूठे इल्जाम के चलते जेल में बंद बेगुनाहों की कानूनी मदद करना है। इस दौरान पीएफआई के कामों की जानकारी भी दी जा रही थी। यह घटना तब पुलिस की खुफिया टीम ने रिकॉर्ड कर लिया, जब एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व सीएम, पूर्व विधायक और शहर काजी भी वहीं आसपास किसी कार्यक्रम में मौजूद थे।

इसके अलावा सितंबर 2021 में खजराना टाआई दिनेश वर्मा ने हिंदू संगठनों पर गोलियां चलाने और शहर में दंगा भड़काने की साजिश के मामले में अल्तमश अबरार खान, इरफान, इमरान और जावेद को पकड़ा था। पुलिस का दावा था कि अल्तमश पाकिस्तानी ग्रुप में शामिल था। करीब 200 ऐसे लोग संपर्क में थे।

इतना ही नहीं, अल्तमश, इरफान और इमरान के परिवार की हर जरूरत को पीएफआई ने पूरा किया था। पुलिस का दावा है, पर्दे के पीछे पीएफआई ही कोर्ट में उनकी मदद कर रहा है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के वक्त अल्तमश के मोबाइल में एसडीपीआई और पीएफआई के पदाधिकारियों के नंबर मिले थे।

पीएफआई से जुड़े लोगों पर कार्रवाई में इंदौर से पीएफआई के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल करीम बेकरीवाला को मराठी मोहल्ला

पीएफआई से जुड़े लोगों पर कार्रवाई में इंदौर से पीएफआई के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल करीम बेकरीवाला को मराठी मोहल्ला, शहर अध्यक्ष मुमताज कुरैशी को जूना रियासत, कोषाध्यक्ष मोहम्मद जावेद बेलिम को छीपा बाखल से और सक्रिय सदस्य जामिल शेख को उज्जैन से गिरफ्तार किया गया है। पीएफआई से जुड़े अब्दुल बेलिम पर जिलाबदर और जैद पठान पर प्रशासन पहले ही रासुका लगा चुका है।

सिमी पर हुई कार्रवाई के बाद पीएफआई संगठन ने अपना काम करने का तरीका बदला। सामने आने के बजाए पर्दे के पीछे रहकर योजनाओं पर काम करता रहा। धीरे-धीरे इस संगठन ने मुस्लिम बहुल इलाकों में युवाओँ के बीच अपनी पैठ जमाने की कोशिश की। यह संगठन साल 2015 में चर्चा में आया। सदर बाजार थाने और पुलिस की गाड़ियों पर पथराव भी हुआ। इसमें पीएफआई का हाथ सामने आया था।

13 साल से पीएफआई से जुड़ा है…

अब्दुल करीम बेकरीवाला तेजाजी नगर में च्वाइस बेकरी चलाता है और उसका कंस्ट्रक्शन का भी काम है। फडिंग के लिए बेकरी में घटिया क्वॉलिटी का सामान तैयार करता है। इसको लेकर 30 अगस्त को बेकरी पर खाद्य और औषधि विभाग ने कार्रवाई की थी।

पत्नी ने बताया, रात 3 बजे करीब 12 लोग सिविल ड्रेस में आए, जिनमें महिलाएं भी थीं। पति का मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर और परिवार के सभी मोबाइल ले गए। 13 साल से पति पीएफआई से जुड़े हैं, वे कुछ भी गलत नहीं करते। घर पर रिश्तेदार व मिलने वाले आते हैं, यहां कोई मीटिंग नहीं होती। जावेद के भाई मोहम्मद यासीन ने बताया, रात में एनआईए के लोग आए थे, जावेद का कमरा पूछे और हमें अपने कमरे में रहने को कहा। उसके बाद परिवार के आठ मोबाइल ले गए।

ईरान में 22 वर्षीय लड़की महसा अमिनी की 16 सितंबर को पुलिस हिरासत में मौत के बाद सरकार विरोधी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

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